फेसबुक डाटा लीक पर बोले मार्क जकरबर्ग, गलती मानी

AajKiDuniya 23/3/2018

  नई दिल्ली : फेसबुक पर करीब पांच करोड़ यूजर्स की जानकारियां लीक होने का मामला गरमाता जा रहा है। इस बीच फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने फेसबुक यूजर्स को भरोसा दिलाया है। मार्क जकरबर्ग ने कहा है कि भारत जैसे देशों में चुनाव से पहले वह सुरक्षा फीचर को मजबूत करेंगे ताकि डेटा लीक जैसी स्थिति न पैदा हो। कैम्ब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक के 5 करोड़ यूजर्स का डेटा हासिल कर उसके मुताबिक चुनावी रणनीति तैयार करने का आरोप लग रहा है।
   
   ब्रिटेन की इस कंपनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी भी संभाली थी। न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए अपने इंटरव्यू में जकरबर्ग ने कहा कि फेसबुक ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टूल ऐड किया है, जिससे फेक अकाउंट्स का पता लगाया जा सकेगा। इससे चुनावों को प्रभावित करने के लिए फर्जी खबरों के प्रसार को भी नियंत्रित किया जा सकेगा। सबसे पहले ऐसा टूल फेसबुक ने 2017 में फ्रांस के चुनावों के दौरान ऐड किया था।
   
   उन्होंने कहा, '2016 के चुनावों के बाद हमने पहली बार आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टूल बनाया। मेरा मानना है कि इसके जरिए 30,000 से ज्यादा फेक अकाउंट्स के बारे में पता लगाया गया, जो रूसी सूत्रों से जुड़े हुए थे, जिन्होंने अमेरिका के चुनावों को प्रभावित करने का काम किया। हमने उन्हें डिसेबल करने का काम किया ताकि फ्रांस में उन्हें अमेरिका की तरह से इस्तेमाल न किया जा सके।'
   
   जकरबर्ग ने कहा, '2017 में अलाबामा में हुए चुनावों के मद्देनजर हमने कुछ नए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टूल्स को लागू किया और बड़े पैमाने पर ऐसे अकाउंट्स को पकड़ा, जो गलत न्यूज फैलाने का काम कर सकते थे। उन्हें हटाया गया।' यह पहला मौका है, जब जकरबर्ग ने चुनावों को प्रभावित करने के लिए फेसबुक के इस्तेमाल को लेकर सार्वजनिक तौर पर अपनी राय जाहिर की है।
   
   जकरबर्ग ने कहा, 'हमें इस क्षेत्र पर फोकस करना होगा। इसकी वजह 2018 में अमेरिका में होने वाले चुनाव ही नहीं हैं बल्कि भारत, ब्राजील और अन्य कई देशों में आने वाले चुनाव भी हैं। यह खासा महत्वपूर्ण है।'

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