बनारस में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन ओवरब्रिज गिरा, 18 की मौत

AajKiDuniya 16/5/2018

  कैंट रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा मंगलवार शाम करीब 5: 20 बजे गिर पड़ा। उप्र के राहत आयुक्त संजय कुमार ने वाराणसी में निर्माणाधीन पुल ढहने से अभी तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि की है। एक महिला समेत 12 के शव निकाले जा चुके हैं। पुल की शटरिंग के लिए बने वजनी पिलर के नीचे रोडवेज बस, बोलेरो समेत कई दोपहिया वाहन दब गये। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि आठ से 10 मोटरसाइकिल भी इसकी चपेट में आए हैं। अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जतायी है। एक दर्जन से अधिक घायलों को मंडलीय अस्पताल एवं बीएचयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। राहत कार्य में सेना के जवान व एनडीआरएफ की टीम लगी है।
   
   प्रशासन ने पुल गिरने के कुछ घंटे बाद ही कार्रवाई करके चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड होने वाले अधिकारियों में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर केआर सूदन, सहायक अभियंता राजेश सिंह और अवर अभियंता लालचंद शामिल हैं।
   
   पहले से बने चौकाघाट फ्लाईओवर के विस्तारीकरण के तहत पिछले कई माह से कैंट-लहरतारा के बीच काम चल रहा है। फ्लाईओवर की सर्विस लेन से ही बनारस से इलाहाबाद, मिर्जापुर, सोनभद्र एवं भदोही जिलों के लिए बसों और सामान्य ट्रैफिक का आवागमन होता है। इससे पुल का निर्माण भी धीमा है। हादसे के समय जाम भी लगा था।
   
   प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी घटनास्थल पर देर रात पहुंचे। सीएम ने पहले घटनास्थल पर जाकर चल रहे बचावकार्य का जायजा लिया। इसके बाद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर में भर्ती घायलों से मिलने पहुंच गए।
   
   मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने वाराणसी में पुल गिरने के मामले में सेतु निगम के चीफ़ प्रोजेक्ट मैंनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेन्द्र सिंह और के.आर सूडान को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही एक अन्य कर्मचारी लालचंद को भी सस्पेंड किया गया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विट कर के दी।इन अधिकारियों पर आरोप हैं कि निर्माण के दौरान उन्होंने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। सभी अधिकारियों को जल्द ही आरोप पत्र दिये जाएंगे।
   
   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य का निर्देश दिया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के अलावा राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी को तत्काल मौके पर भेजा है।
   
   राहत और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, पुलिस की कई टीमें जुटीं हैं। पुल की शटरिंग हटाने के लिए आधा दर्जन क्रेन भी पहुंच गईं हैं लेकिन वजनी पिलर टस से मस नहीं हो पा रहे हैं। मौके पर जमा भारी भीड़ के कारण भी राहत और बचाव कार्य में बाधा आई। कैंट और लहरतारा की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर यातायात रोक दिये जाने के बाद भी सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गये हैं।
   
   प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने इस घटना की सूचना मिलते ही ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि 'मैं यहां योगी आदित्यनाथ सरकार सरकार से यह अपेक्षा करता हूं कि वाराणसी के इस हादसे में वह केवल मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं भागेगी। इस मामले में सरकार से पूरी ईमानदारी से जांच की भी अपेक्षा है। उम्मीद है कि सरकार ईमानदारी से इस हादसे की जांच करवायेगी।' उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे लोग घटनास्थल पर बचाव दल का हर संभव सहयोग करें।

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